#Hindilovers

42 posts
  • vaibhavjoshi_ 4d

    मैं अक्सर जब वादियों से
    देखता हूँ हिमालय को,
    फटे बर्फ के लिबासों से
    दिखता है नंगा बदन उसका
    झेंप आती है हिमालय को
    शर्मिंदा होते है हिमालय

    शर्मिंदा होता हूँ मैं भी।

    वैभव जोशी।
    ©vaibhavjoshi_

  • _bhakti_ 4w

    आसमा में देख सूरज से एक सवाल किया।
    की हर दिन ढलने के दर्द में तू कैसे जिया?
    मुस्कुराया वो,
    हसने भी लगा....
    बोला माना मैं हर शाम ढलता हूँ।
    निराश होने की वजह हर बार बनता हूँ।
    पर देख हर सुबह का उदय भी मैं ही हूँ।
    हर सोच की उम्मीद का समय भी मैं ही हूँ।
    सकुचाया मैं,
    सोचने भी लगा....
    जब हर दिन ढलने पर भी ये उदय की सोच रखता है।
    तो कुछ पल के दर्द में तू क्यों मौत को जिंदगी से अजीज समझता है?

    ©_bhakti_

  • ritudubey 8w

    ।दोपहर १ बजे होंगे लगभग और मेरे पेट के चूहे नाचने लगे थे और ऊपर से इन ताज़े अमरूद तभी अचानक से मेरा ध्यान एक दादा जी(पुरानी आदत है,हर बड़े को उनकी उम्र के हिसाब से नाम दे देते है) पे गया जो अपनी धोती को सम्हालते हुए साइकिल पे जैसे ही चढ़ने गए ,तभी अचानक से कुछ युवा बाइक पे सवार इतनी तीव्र गति से उनके साइकिल को धक्का मारकर निकल गए मानो उन्हें कोई जंग फतेह करनी हो
    , और उन्हें ये भी होश न था कि ,एक बुज़ुर्ग सड़क पे गिर गया है, गुस्सा तो बहुत आया और बुरा तो तब लगा जब उनके बगल में खड़े लोगो ने इसे अनदेखा कर दिया।माँ रुको मैं आती हूँ कहकर जैसे ही मैं दुकान से बाहर निकली तब तक दादा जी उठ के अपनी साइकिल को भी खड़ी करके फिर उसपे बैठ गए।गुस्सा तो बहुत आया कि बगल में होकर उन्हें ये सब नहीं दिखा।दादा जी पैडलो को मारते हुए वहां से निकल गए पर उनकीे एडी से बहता खून उनका दर्द बयां कर रहा था।
    आज फिर मानवता कहीं खो गई,क्या लोग इत्ते खुदगर्ज हो गए हैं कि उन्हें किसी और का दर्द दिखता ही नहीं है।क्या आज के नौ जवानों में आनंद का मतलब ये है कि बाइक की स्पीड कम नहीं हो , चाहे उससे कोई भी आघात क्यूँ न हो जाए,क्या जाता उनका ,अगर दादा जी की तरफ़ एक हाथ बढ़ा देते? क्यों लोग आँख पर पट्टी बांध लेते हैं, जब भी ऐसा कुछ होता है?
    क्या यही वो बुरी दुनिया है जिसके लिए माँ हमेशा कहती थी ????????????



    #mirakee #hindiwriters #writersnetwork #instawriters #hindilovers #storyteller #writerscommunity @hindikavyasangam

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    एक सवाल ???

    मम्मी जल्दी करो न और कितना सामान लेना है,भैया २ किलो चीनी भी दे देना,इन सबसे बोर होकर मै अगल बगल दुकानों को देखने लगी ,सामने एक अमरूद का ठेला देख मेरा भी मन किया खाने को।
    (Read the caption��)
    ©ritudubey

  • the_inclusiveness 11w

    प्रीत

    कैसे सुना दूँ अपनी प्रीत की कहानी सबको..
    कुछ जग हँसाई का डर है तो कुछ ख्वाहिशें मुक़म्मल ना हो पाने का गम
    ©the_inclusiveness

  • the_inclusiveness 12w

    साक्षी

    साक्षी हूं..
    साक्षी ही रहूंगी...
    फिर चाहे साक्षी मेरा नाम हो या मेरा कर्म..
    निभाना तो है ही इसे अंत तक।
    ©the_inclusiveness

  • vaibhavjoshi_ 12w

    असल में तो बस दो चार थे
    बाकि सब मतलब के यार थे।

    बातें ऐसी जैसे शहद में घुली हुई,
    साहेब हमारे गज़ब के फनकार थे।

    चलिए माना हम बेवफा ही सही
    आप बताइए कितने वफादार थे?

    करार उनसे सभी रद्द कर दिए है
    जिनके लिए कभी हम बेकरार थे।

    वैभव जोशी।
    ©vaibhavjoshi_

  • the_inclusiveness 13w

    खुशनसीब

    खुशनसीब हो तुम..
    जो कभी इश्क़ नसीब ना हुआ तुम्हें.. किसी को प्यार ना कर सकोगे तो क्या…किसी का प्यार पाने के काबिल तो बने रहोगे अपनी नज़रों में।
    ©the_inclusiveness

  • the_inclusiveness 13w

    Meaning of मुखालफत= विरोध ,शत्रुता
    #hindilovers #midnightthought #inspiration #like #comment #repost @hindikavyasangam @hindiwriters

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    खुदा

    हर मुखालफत के बाद ..एक ही चीज़ कहता है खुदा..बता ऐ बंदे तेरा मेरे अलावा कौन है….?
    ©the_inclusiveness

  • the_inclusiveness 14w

    सच्चाई

    Acha hi hai kuch khurduri si hai sachaiyo ki zameen
    Sapat hoti to phisal hi jaate gurur k tel mei dub kr
    ©the_inclusiveness

  • the_inclusiveness 14w

    नाम और अयाम

    जानती हूँ अपने बूते ही अपना मुकाम बनता है..पाले हुए शौकों से नहीं आराम हराम करने से नाम बनता है,
    ख्वाहिशें जो जला दो लक्ष्य के रास्ते में आने वाली तब जा कर पत्थर पर लकीर का काम बनता है,रगड़े हुए धागों से भी रेशम का धागा बनता है..सुई की नोक के बराबर गुरुर और स्वार्थ बनता है, तकलीफ जो उठाना सिख जाओ तरक्की तक ले जाने वाली तो जिंदगी का ये सफर आसान बनता है
    ©the_inclusiveness

  • the_inclusiveness 15w

    #दिल_के_हाल ��❤ #hindilovers @hindikavyasangam ..
    Do follow on instagram also @the_inclusiveness
    #like_comment_repost

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    भूल

    भूल से भूल हुई थी किसी रोज़
    अब हर रोज़ वो भूल दोहराते हैं...
    तुम्हें अपना समझ बैठते हैं..
    तुम्हारे अपने बन कर रह जाते हैं।
    ©the_inclusiveness

  • zeestpoetry 16w

    सिद्धांत

    भौतिकी का सिद्धांत है-
    ब्रह्माण्ड फैल रहा है,
    सभी चीज़ें एक दूसरे से दूर हो रही हैं,
    मुझे अब समझ में आया-
    दोष तुम्हारा नहीं था।

    -ज़ीस्त
    ©zeestpoetry

  • vaibhavjoshi_ 17w

    क्या नज्म लिखूं खिदमत में तुम्हारी जो सबको रास आये
    जब गजल हो सामने तो मेरी शायरी की पहचान क्या हो

    जुल्फें हटाए चेहरे से तो हूर सा सबको एहसास आये
    कि चांद तुझे भी अपनी चांदनी पर अभिमान क्या हो

    करें गुफतगू मेरी तो किस्मत पर अपनी मुझे नाज आये
    मुस्कुराए मुझे देखकर तो जिन्दगी में और अरमान क्या हो

    मिलतें हैं कभी राहों में तो धड़कनों से भी साज आये
    मिलाया तुम से खुदा का मुझपर और एहसान क्या हो

    महकती है जिन्दगी गर तुम ख्वाबों में भी पास आये
    बिछड़ू तुमसे कभी तो इससे बड़ा इम्तिहान क्या हो

    - वैभव जोशी
    ©vaibhavjoshi_

  • moodymoonak 21w

    यह देश किधर जा रहा है
    कुछ रहनुमाओ की हकीकत जान कर भी,
    इस कदर बोखला रहा है।
    बेसुध सा हुआ है
    अपने ही घर को आग लगा रहा हैं ।।
    ©moodymoonak

  • inconspicuous 21w

    उनकी उन हसींन बातों ने,❤
    साजिश कुछ इस तरह की...

    इज़हार-ऐ-मोहब्बत की मशक्कत में,
    खिलखिलाती यारी गवां बैठे.....

    ©inconspicuous

  • bemisal_hum 30w

    Kuch dekhu chhahe naa dekhu... ❤��
    Magar Teri lagai hui Dp hardum dekhu... ❤��

  • bemisal_hum 34w

    ख़ुद से ज्यादा तेरी फिक्र करना..
    प्यार तुझसे कितना है, बेशक यही जताता हैं…

  • sarfarazalamadnan 34w

    रात । Raat

    कभी देखा है तुमने
    इन काली अँधेरी रातों को
    रात काली अनंत चादर है
    वो सारे काले काम
    जो लोग दिन में
    करने से कतरातें हैं
    या दिन का उजाला
    उन्हें करने से रोकता है
    वो सारे स्याह काम
    रात खुद में
    लपेटे हुए है
    और समेटे हुए है रात
    वो सारे आँसू
    जो किसी ने
    किसी के याद में बहाएं
    रात अश्क़ों का समंदर है
    देखना तुम गौर से
    ये खुद भी रोतीं हैं
    उन सारे आंसुओं का कुछ हिस्सा
    रात ने भी बहाया है
    और वो चीखें,
    जो निकलतीं हैं
    जिस्म पर पड़ने वाले
    लाल निशानों से
    जो दब जाती है कमरों में
    और रातें इनको
    पनाह देती हैं
    रात दिलों को जोड़ने का
    जरिया भी हैं
    रातें उन दो प्रेमियों
    को भी जगह देती हैं
    जो दिन में मुस्कुरा कर भी
    एक दूसरे से
    बस मिल नही पाते
    वो सारे गीले शिकवे
    सब दूर करते हैं
    रात बसेरा है
    उन फनकारों का
    जिन्हें दिन के
    शोर गुल से नफरत है
    वो तलाशते हैं
    काली ही रातों को
    जिसे वो उजाला कर सके
    आपने फन के नूर से
    रात बंदगी का वक़्त है
    रात दरिंदगी का भेष भी है
    रात झूठ का दरिया है
    रात सच्चाई का धरातल है
    रात स्वेत है
    रात श्याम है
    रात पाकीज़ा है
    रात नापाक है
    रात और कुछ भी नही
    और रात बहुत कुछ है।

    -- अर्श --

  • therightkindofmisfit 34w

    अपने दर्द की यु नुमाइश न कर...
    सुना है दोस्तों के भी दोस्त होते है.
    जो तेरा दर्द सुनके दुखी दिखे।
    हर वक़्त वो वाकई दुखी नही होता।
    परवाह करने वाले चुनिन्दा लोग होते है...
    हर कोई माँ जैसा नही होता...
    और हर कोई माँ जैसा नही होता।

    ©therightkindofmisfit

  • bemisal_hum 35w

    Dhoke �� aur Mauke ��...
    Muhhrat ⏳ bata ke milte toh pehle se Taiyaar �� reh lete...