#dream

6837 posts
  • gautham_sriram 12w

    You think,
    you can come
    and shut me off,
    like wind?

    Nah!
    You're gonna blaze me up
    Cause I'm not just a flame
    I'M A FUCKING INFERNO.

    ©gautham_sriram

  • nik_singal 12w

    छटा दिन...
    भाग 4


    वहाँ चंडीगढ़ न० वाली गाड़ी इंनोवा पहले से ही फंसी हुई थी तो हम सब वहाँ रुक गए और उसके निकलने का इंतज़ार करने लगे। तो मनाली की तरफ से एक थार गाड़ी आयी और उसने सहायता के लिए इंनोवा गाड़ी का टोचन किया और बड़े आराम से इंनोवा गाड़ी को झरने से निकाल के एक तरफ रख दिया। ऐसा महसूस हुआ कि कोई खिलौना था जिसे एक तरफ उठा कर रख दिया गया । झरने का पानी इतना ठंडा था की पैर एक दम सुन्न हो गए ऐसा महसूस हो रहा था कि पैर कट गए हो थोड़ा समय बीतने पर नार्मल महसूस हुआ और हम आगे बढे। कुछ देर बाद ही हम नेशनल हाईवे पर पहुँच गए तब हमारी जान में जान आयी। । 5 किमी चल कर खोक्सर नामक गाँव आया जहां पर बैरियर लगा हुआ था पुलिस वालों ने हमारे बाइक के कागज़ की जांच की और उनसे बात करने पर पता चला कि थोड़ी दूरी पर ही जिस रास्ते पर हमें जाना था केलांग से पहले भूस्खलन हो रखा है और उन्होंने हमे थोड़ी देर रुककर चलने के लिए बोला । तो हमने निर्णय लिया कि रुक कर समय का सदुपयोग कर चाय पी जाये। हम तकरीबन आधा घंटा वह रुके और चाय बिस्किट का मज़ा लिया। खोक्सर से आगे 8 किमी निकले ही थे कि जहाँ भूस्खलन हुआ था वहाँ पर जाम लगा हुआ था तो हमने थोड़ी देर इंतज़ार करके वहाँ पर मौजूद पुलिसवालों से बात की कि जाम खुलने का कितने आसार है ।पुलिस वालों ने हमे साफ साफ कह दिया कि रात भर लग सकती है मलबा हटाने में। तो हमने ओर समय नष्ट ना करते हुए वापिस खोक्सर जाकर रात रुकने का निर्णय लिया। हम जल्दी ही वापिस खोक्सर पहुँच गए और होमस्टे बुक किया। वहाँ पर हम सब नहाये क्योकि चंद्रताल पर नहाने की कोई व्यवस्था नही थी। नहाकर हमने खुद वेज बिरयानी बनाई और खा कर सो गए।थकावट ज़्यादा होने के कारण हम सब सो गए।
    अगला भाग कल...
    ©NikSingal

  • nik_singal 12w

    छटा दिन...
    भाग 3


    सड़क नाम की तो कोई चीज़ वहां पर है ही नही थी ऐसा लग रहा था हम किसी नदी के बीच से गुज़र रहे है हर जगह पत्थर ही पत्थर बाइक 10 -20 कि मी की गति से चल रही थी रास्ते की सुंदरता देखते ही बनती थी ऊंची ऊंची चट्टानों से बहते झरने पहाड़ो की सुंदरता में चार चांद लगा रहे थे । बीच रास्ते मे एक विशाल झरना पड़ा जो कि सड़क पर गिर रहा था वहां पर एक गाड़ी पहले से ही उस झरने में फसी हुई थी खैर वो जैसे कैसे कर के निकल ही गयी और पीछे से एक स्विफ्ट गाड़ी जिसे एक महिला चला रही थी वो आयी हमने सोचा जब यहाँ एस यु वी गाड़ी फसी सकती है तो यह छोटी गाड़ी कैसे निकलेगी उस महिला ने गाड़ी से उतरकर स्तिथि का ज्याजा लिया और फिर गाड़ी में बैठकर बड़े आराम से उस झरने में से गाड़ी को निकाल कर ले गयीं हम सब आष्चर्यचकित रह गए पर महिला का आत्मविश्वास देखकर मज़ा आ गए। हम मैग्गी खाकर चाय के लिए कही रुकना चाहते थे पर रास्ते मे हमे ना तो कोई गांव और ना ही कोई ढाबा वैगरह मिला और सुबह से चलकर शाम को 4 बजे ही चाय नसीब हुई। हमारे साथ साथ चेनाब नदी रास्ते को और भी मनमोहक बना रही थी।जिसका वेग बर्फ पिंघलने के कारण काफी तेज था। खोक्सर से 15 किमी पहले हमने चाय ली और थोड़ा आराम किया क्योंकि पत्थरो की वजह से सबकी कमर की ऐसी तैसी हो रखी थी। चाय वाले अंकल ने बताया कि आगे अभी और दो झरने है जिसका वेग पिछले वाले झरने से और भी तेज था। उसकी बात से हम थोड़ा डर भी गए और थोड़ा ओर रोमांचित भी हुए। हम आगे चले और कुछ ही दूरी पर एक झरना आया जिसे पार करने पर हमें खास मुश्कत नही करनी पड़ी। रास्ता सीधी चढ़ाई वाला था तो बाइक धीरे धीरे ही खिसक रही थी । थोड़ी देर में एक और झरना आ गया जिसका वेग पिछले वाले झरनों से सबसे तेज़ था...
    © NikSingal

  • nik_singal 12w

    छटा दिन...
    भाग 2


    हमने वहाँ अलग अलग पोज़ में फोटो खिंचवाई और कुछ देर वहाँ बैठकर एक अलग सी ही शान्ति महसूस की।और कुछ सैलानी ने तो वही झील के पास ही अपना टेंट लगा रखा था लगता था उन्होंने वही पर रात गुजारी हो। क्या मन्त्रमुग्ध करने वाला नज़ारा था लगता था कि हम जन्नत में आ गए है कोई शोर नाम की चीज़ ,ना ही कोई प्रदूषण और चारो तरफ शांति ही शान्ति। झील पर अब तक कि यात्रा का सबसे सुखद समय बिताने के बाद हम वापिस अपनी अपनी बाइको के पास चलने लगे उस वक़्त हमे इसरायली सैलानी मिले उनसे यात्रा के बारे मे बात चीत हुई और बात करने पर यह महसूस हुआ कि वो भी हमारी तरह बहुत ही रोमांचित नज़र आये। हम अपनी अपनी अपनी बाइको के पास पहुँचे और फिर वापिस चलने के लिए तैयार हो गए। सुबह के 9 बज चुके थे और हमारे पेट मे चूहे कूद रहे थे तो यह निर्णय लिया गया कि जो रास्ते मे झरना पड़ता है वहां जाकर हम अपना नाश्ता अपने आप तैयार करेंगे । जो तकरीबन 40 मिनेट बाद हम उस झरने को पार कर के रुक गए और बाइक पर बंधे खाने के समान और स्टोव वाले बैग को उतारा और फिर मैग्गी बनाने की तैयारी में जुट गए । गौरव पंडित जी ने प्याज़ टमाटर की कटाई की और गौरव, प्रमोद ने स्टोव जलाने का काम किया ,स्टोव जलाने में बहुत ही मशक्कत करनी पड़ी उसका मुख्य कारण वहां ऑक्सिजन की कमी था। पर आख़िरकार स्टोव चल गया और पतीला स्टोव पे रखा और झरने से पानी लेकर उसमें रखा और 12 पैकेट मैग्गी और कटा हुआ प्याज़ और टमाटर डाला कुछ देर में मैग्गी बन कर तैयार थी और सब खाने के लिए उतावले थे तो हमारे पास एक प्लेट एक फ्राई पैन था तो हमने मैग्गी उस मे डाली दो दो साथी उस मे लग गए और बाकी पतीले में ही लग गए मैग्गी बहुत ही स्वादिष्ट बनी थी तो थोड़ी देर में ही सारी मैग्गी खत्म हो गयी और सब के पेट भी भर गए। तो हम बर्तन साफ करके आगे बढ़े। वहाँ से बाटल 8 कि मी की दूरी पर था बाटल पहुँच कर हमें खोक्सर के लिए मुड़ना था जो कि मनाली लेह रोड पर पड़ने वाला पहला गांव था। बाटल से खोक्सर 57 किमी की दूरी पर है पर रास्ता ऐसा है कि उसे तह करने में बड़े बड़ों के पसीने छूट जाए...
    ©NikSingal

  • nik_singal 12w

    छटा दिन...
    भाग 1


    सुबह ठंड ज्यादा होने के कारण हम सब जल्दी उठ गए थे ,तापमान 0 डिग्री होने के कारण जो झरने का पानी हमारे टेंट के पास से गुज़र रहा था वो अब नदारद था ,खाने का कोई ज़्यादा अच्छा इंतज़ाम ना होने के कारण हम सब फ्रेश होकर सीधे चन्द्रताल निकलने के लिए तैयार थे जब हम बाइको के पास पहुँचे तो देखा कि बाइको के सीट पर बर्फ जमी हुई थी , हो सबसे पहले हमने बाइक स्टार्ट की की आगे कोई दिक्कत न हो इंजन ठंडा होने के कारण से और जब तक हम बाइक पर समान बांध रहे थे तब तक बाइक स्टार्ट कर के ही रखी।समान बन्ध चुका था और हम चंद्रताल लेक देखने के लिए निकल पड़े । आगे का रास्ता और भी खराब था केवल मोटरसाइकिल के पहिये के निकलने जितना ही रास्ता साफ था बाकी सारी जगह पत्थर ही पत्थर 3-4 कि मी का रास्ता आधे घँटे में पूर्ण हुआ जिसमें एक झरना भी पड़ता है। खैर हम चंद्रताल लेक के पास पहुँच गये और आगे रास्ता बंद था हमने अपनी अपनी बाइक चंद्रताल के साइनबोर्ड के पास लगाई और लेक देखने के लिए निकल पड़े जो कि वहाँ से 1 कि मी की दूरी पर थी ।वहां से हमे वो रास्ता पैदल तह करना था तो हम पैदल चल पड़े और आते हुए सैलानियों से पूछते रहे कि और कितनी दूर रह गयी हैं चंद्रताल झील क्योकि ऑक्सिजन की कमी के कारण चलना बहुत मुश्किल हो रहा था और थोड़ी थोड़ी दूर चलने पर ही सांस फूल रही था पर हम 15 मिनिट चलकर चंद्रताल झील के पहले दर्शन किये । झील के दर्शन कर के एक बार तो सारी थकावट उतर गई इतनी सुंदर झील ज़िन्दगी में पहली बार देखी थी । झील को पास से देखने के लिए हमे पहाड़ी से लगभग 150 मी नीचे उतरना था हम झील को पास से देखने के लिए इतने लयालित थी कि एक दम नीचे उतर गए । नीचे उतरने पर सबसे पहले तो झील के पानी को छुआ जिससे सारी थकावट खत्म हो गयी , पानी बर्फ जैसा ठंडा था और आसपास के पहाड़ी के प्रतिबिम्ब साफ झील के पानी पर उतरे हुए थे...
    ©NikSingal

  • trueme 12w

    #love#longdistancerelationship#dream

    After a threshold point, things are not painful at all.
    Reasons for reaching that could be

    • no other option and letting it go
    • knowing the reality and focusing what's needed

    Je ne sais quoi!

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    He thought!

    Between him and his dream, I existed.
    I wonder if he ever realizes that I am too far away from him and I am reachable only if he meets his dream.
    ©trueme

  • humanityraiseup 12w

    This is the world where Demons enjoy and pure souls suffer.

    ©superherokarthik

  • raunak_goel 12w

    फक्र कर लेता...

    प्यार न हुआ न सही
    दोस्त कहा था न मुझे
    अगर दोस्ती ही निभा लेती
    तो भी मैं अपनी चाहत पे
    फक्र कर लेता........!

    ©raunak_goel

  • aditya_priyadarshi 12w

    "....then she said"

    ....then she said "I Love You".
    That unbelievable words shocked me and made me open my eye.
    Nd I found it was just a dream....


    ©aditya_priyadarshi

  • cartofemotion 12w

    Sometimes I feel my demise
    Drowning in a deep dark sea
    And have no one to give a hand
    To bring me out...

    Sometimes I feel like
    I am soaring over the clouds
    With my hands open
    Touching the clouds...

    And then I realise
    Either I live a lie
    Or dream a lie...

    ©cartofemotion

  • anitta_jmz 12w

    Do you still?

    Rain again asked his sweet heart leaf,
    " Do you still love me? "
    She bowed down with shyness
    And the rain kissed her forehead......


    But all were just a dream
    A painful piercing dream!!!
    ©anitta_jmz

  • _stabilised_ 12w

    Find a "purpose " you wanna live everyday #dream
    Be "patience " work hard with that time.#hope
    Be "passionate " show how much you willing to have it #desire



    @writernetworks #DU

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    Three "P"

    Purpose


    Patience


    Passionate

  • fahimbukhari 12w

    Fantasy

    What if one day we open our eyes and get to know that everything we were living was a fantasy ?


    ©fahimbukhari

  • kapilsharma7 12w

    Doraemon

    Jab bhi me problem me hota hu to mera dost

    Doraemon to nhi Banta

    Jian ban jata hai
    Main hoon Jian

  • bdilip 12w

    ख्याव

    कह दिया .......
    आज की रात

    नींद पूरी करनी होगी

    देखने के लिए तुम्हें

    मेरे ख्याब...

    @भारद्वाज दिलीप
    ©bdilip

  • kapilsharma7 12w

    Me as a teacher

    Bacho Saturday and Sunday ka off rhe ga.
    Jis bache ka birthday hoga vo Muje party dega
    Jab chutti karni ho bol Dena
    Fees time par de Dena
    or syllabus ka tension mat Lena wo to next year bhi ho jaye ga
    ©kapilsharma7

  • __elysian_child__ 12w

    First and Last

    I dreamed a dream
    I thought I wouldn't.
    Where the source of my nightmare
    Became the source of my peace.
    That instead of his death
    I witnessed his freedom.
    Instead of anger and blame
    There was relief and affection.
    Where instead of his glare
    I received his embrace.
    Where the words I couldn't say
    Finally came flooding tears.
    It was a dream
    I never dreamed.
    A dream I am grateful for having
    Even for the first and last time.

    ©__elysian_child__

  • nik_singal 12w

    पांचवा दिन...
    भाग 3


    शाम ढलने लगी थी और सूरज एकदम हमारी आंखों पर पड़ रहा था जिससे कि बाइक चलाने में बड़ी मुश्किल हुई पर आखिर में हम वहाँ पहुँच गए जहाँ हमे पहुँचना था । एक समतल स्थान जहाँपर लगभग 40 -50 टैंट लगे हुए थे वहां पहुँचकर पता किया कि चंद्रताल कहाँ है तो हमे बताया गया कि वो अभी आगे 5 कि मी है। चंद्रताल जाने वाले सभी सैलानी रात को उन्ही टैंट में रुकते है तो हमने भी वही रुकने का फैसला किया क्योंकि और कोई विकल्प वहाँ पर मौजूद ही नही था दूर दूर तक। वहाँ हमने 4000 रुपये में 2 टेंट बुक किये जिसमे हम चार चार लोग रुके । रात का नज़ारा अद्भुत व ना भुलाने वाला था ऐसा लगता है कि आसमान आपके बहुत ही ज़्यादा करीब है और आप आराम से तारे तोड़ सकते है। हम नज़ारा देख कर लेट गए पर नींद यहाँ पर भी ऐसी ही आयी जैसी काज़ा में आई थी क्योंकि यहाँ पर भी ऑक्सिजन की काफी कमी होती है और सांस भी बहुत फूलता है। जैसे कैसे हम सो गए । आप भी सोये और सितारों को अपने सर के ऊपर महसूस करे ।
    अगला भाग कल...
    ©NikSingal

  • nik_singal 12w

    पांचवा दिन...
    भाग 2


    लोसर से सड़क की हालत खराब होनी शुरू हो गयी और चंद्रताल तक और भी ज्यादा खराब होती चली गयी। रास्ते मे कुंजाम पास आया जो कि उस रास्ते में पड़ने वाला सबसे ऊंचा पास था।लोसर से कुंजम पास की दूरी 17 कि मी है और वहाँ पहुँचाने के लिए लगभग 90 मिनट लग जाते है इसका मुख्य कारण सीधी चढ़ाई और ना के बराबर सड़क का होना। कुंजुम पास पर कुंजुम माता का मंदिर हैं जहाँ पर हर कोई मंदिर की परिक्रमा करके ही आगे बढ़ता है हमने भी ऐसा किया। कुंजुम पास पर उस समय सड़क के किनारे किनारे 2 -2 फ़ीट बर्फ थी जिससे हमें ठंड भी महसूस हुई और हम आगे के लिए निकल पड़े । कुंजम पास से चंद्रताल 20 कि मी है पर सड़क की हालात इतनी खराब है कि पहुँचने में 2 घंटे का समय लग जाता है। कुंजुम पास से बाटल एकदम तिखी उतराई है जो कि लगभग 10 कि मी है और बाटल दो रास्ते निकलते है एक चंद्रताल और दूसरा मनाली हाइवे पर जाता है। हमे चंद्रताल जाना था जो कि बाटल से 10 कि मी है पर सड़क की हालत इतनी खराब की शब्दो मे ब्यान नही कर सकते और एकदम सीधी चढ़ाई और रास्ते मे सड़क पर ही गिरता विशाल झरना जो कि हमने बड़े मशक्कत से पार किया...
    ©NikSingal

  • itsgammynotgrammy 67w

    Let Me Stay.

    I see those eyes, the dark brown ones
    I see them every night, all night.
    You are the moon, I wish to see in daylight.
    You are the star, that I can't reach.
    You are the sky, the sea doesn't meet.
    But you’re the only one in my mind, my dreams.

    Let me stay,
    Let me stay in my mind, my dreams
    'cause I can feel the rush,
    Feel the pain, love and you.

    Everyday I see you walk up to her,
    Your eyes, a Yin Yang of fire and ice
    Looking at her like she is your angel.
    Only she wasn't me.

    I learned to love from afar,
    Losing myself in the abyss of your orbs.
    Wishing it were my dreams and me, with you.
    They warned, It's one thing to live your dreams,
    Another to live in them.

    Oh but, let me stay,
    Let me stay in my mind, my dreams
    'cause I can feel the rush,
    Feel the pain and Love you.

    ©itsgammynotgrammy