#mirakeehindi

164 posts
  • zrori_hai 1h

    आशिकी तो तुम भी कर रहे होगे,
    इश्क़ के तूफ़ान में भी फस रहे होगे,
    अगर अभी तक नहीं फसे हो तो संभल जाओ
    वरना रोमियो रांझा की जैसे तुम भी मर रहे होगे।
       #सागर
    ©zrori_hai

  • zrori_hai 2h

    Zrori hai...

    पास थे ही कब
    जो दूर जाने से डरे,
    अभी हमें इश्क़ हुआ ही कहां
    जो उनसे इकरार करे......

    इश्क़ होना होगा तब हो जाएगा,
    दिल का क्या है
    आज नहीं तो कल उनकी बाहों में सो जाएगा...

    अब उन्हें बात बता कर बात खत्म कर रहा हूं,
    हकीक़त तो यह है कि
    मैं उनकी 'ना' से नहीं 'हां' से डर रहा हूं......

    देखो हमारी तैयारी तो पूरी हैं,
    बस तुम पीछे मत हटना
    क्युकी इस जंग में तुम्हारा साथ भी zrori_hai........
      #सागर
    ©zrori_hai

  • zrori_hai 20h

    शायर हूं..

    शायर हूं शायरी करता हूं,

    इश्क़ में, मै पड़ा नहीं

    पर शायद सभी से आश्की करता हूं....

         #सागर
    ©zrori_hai

  • zrori_hai 22h

    इमारत

    पुरानी इमारत में बना एक नया झरोखे सा है,

    ये कहीं इश्क़ तो नहीं

    जो पुरानी इमारत में भी एक धोखे सा है,

    ज़रा पास से देख लू इसे

    क्या पता ये भी उसके दिल की तरह खाली खोके सा है।

       #सागर
    ©zrori_hai

  • shivom 1d

    Bhot khamoshi se tujhko pukara gya,
    Shayad itna dum na tha mujhme, Khair chodo sb zaya gya.
    Vo jo ranz tha vo to kab ka aadha hua,
    Ab bss turbatein hain, vo jo Zinda shehar tha vo to kab ka mara gya.

    ©shivom

  • thatlastthought 3d

    तुम्हें हमसे मोहब्बत नही , ना सही।

    मगर हक़ नहीं तुम्हें
    इस तरह हमे अपना दीवाना कह बदनाम करने।

    ये मोहब्बत सिर्फ हमने करी है
    इसपे हक़ भी सिर्फ हमारा ही होगा।

    ©Shivangi

  • rinkutaunk 5d

    बच्चा और बचपन

    जाने कहाँ गए वो बचपन के दिन
    जब हम स्कूल का झोला ढोकर
    स्कूल पढ़ाई के लिए कम
    सिर्फ दोस्तों से मिलने जाते थे

    वो कागज कि कश्ती, वो पानी में छलाँग
    वो खुल के मस्ती ,वो बागीचे का आम
    वो साइकल के पीछे दौड़ लगाता यार
    वो मास्टर कि फटकार और पीठ पर मार

    वो माँ के आँचल से चुपके से निकलते सिक्के
    और नुक्कड़ पर खाते, उँगली पर लगा कर नली जो बिके
    वो पूजा के प्रसाद जो भगवन से पेहले हम खुद को चढ़ावा करते
    वो मंदिर में घंटी बजाने को मामा से जीद्द करते

    वो मम्मी कि मार के बाद का दुलार
    वो पापा कि सस्पेन्स वाली प्यार
    वो शाल में एक जोड़ी नया कपड़ा भी चेहरे पर मुस्कान ले आती थी
    बन ठन के ऐसे निकलते थे मानो किसी राजा कि बारात निकलवानि थी

    ना डर थ भविष्य का ना पिछली बातों पर कभी रोते थे
    जीते थे शान से ,अपनी ही दुनिया में मस्त थे
    जाने कहाँ चले गये वो बचपन के दिन
    जब हम दूसरों को परेशान करके रूलाते थे और उछल उछल कर हसते थे
    आज जिन्दगी परेशान कर रही और उछल कर हँस रही

    पर गलती उसकी भी कहाँ है
    आखिर अपने अंदर के बच्चे को हमने खुद ही तो मारा है
    अभी जिन्दगी ख़त्म हुई कहाँ है ..मौका अब भी है
    बस उस बच्चे को जगाना है ..बेफिक्र होकर बेखौफ बस शान से जीना है



    ©rinkutaunk

  • aaina_ 5d

    Aankhein thi kuchh namm si, Inhe dikhi ik dagar si
    Wo raah thi veerani si, Chl pdi mein ghabrayi si
    Khayi thokar hlki si, Phir uthi mein ladkhadai si
    Kuchh mehsoos hua, dard tha shyd
    Cheekhti kaise, sunne wala na tha
    Roti kaise, chup krane wala na tha
    Bss ek kaagaz ka tukda aur kalam
    Pta nhii kyu, meri jeb me tha
    Likh dia sb jo mehsoos kia tha
    Uss din dawa ka kaam dawaat ne kia
    Uthke chli, chlte chli, Thi thki pr na ruki
    Phir khayi thokar phir hua dard
    Nikali kalam, kaagaz se baanta dard
    Bn gya yehi silsila sa, Thma na ye karwah sa
    Ab, aaj, is samay tak, Na chlna seekha, na manzil paai
    Ab ye mujhe saazish lgti hai
    Raah aur kalam ki maano aazmaish lgti hai
    Baar baar mujhse milne, baatein krne ko
    Shyd ye raah mujhe chot pahauchati hai

    ©aaina_

  • rinkutaunk 1w

    GOD CAN NEVER BE FOUND BY CALCULATIVE INTELLIGENCE


    ©rinkutaunk

  • rinkutaunk 1w

    दर्द बहुत दुख देता है ,हमें पता है
    पर दर्द से हम बाहर नहीं आ सकते ये गलत है
    सच यह है कि हमें उस दर्द कि दिवारों में रहते रहते आदत हो जाती है दर्द को सहन करने कि
    हम चाहें तो एक ही पल में उस दीवार को तोड़ सकते हैं
    पर हम तोड़ना नहीं चाहते
    हमें प्यार हो जाता है दर्द से
    और ऊपर से किसी के सहानुभूति भरे शब्द हमें सुकून दे देते हैं
    और कोई अपना कंधा लिये हमको जरा सा प्यार क्या दिखाता है ,हम उसीके हो लेते हैं
    और वही अस्थायी खुशी हमें बाहर आने नही देती
    ज़रूरत है तो बस अपनी आँखे खोल कर देखने कि
    ये लोग जो आपके आस पास आपको पुचकार रहे हैं
    वही लोग आपके इस रोग का कारण हैं
    क्या हम किसीको सहानुभूति और दया ना दिखा कर उसका हौसला नहीं बढ़ा सकते ?
    क्या हुआ गर हम उनकी मदद नहीं कर सकते
    पर उनको प्रेरित कर नहीं सकते ?
    याद करो जब बचपन में कई बार गिरते थे ,अगर माँ बाप यही कह कर रोक लेते कि नहीं मेरे बच्चे को गिरने नहीं देंगे ,उनको तकलीफ नहीं होने देंगे ,तो क्या हम चलना भी सीख पाते ??
    अपना मन बदलो दुनिया बदल जायेगी
    दुख में साथ दो पर उसके साथ रो कर नहीं
    बल्कि उसका जुनून बन कर ।

    ©rinkutaunk

  • rinkutaunk 1w

    वस्त्र

    वस्त्र शरीर को ढकते हैं
    शरीर आत्मा को
    मन आत्मा कि सवारी करते
    ढक रहा मनुष्य कि प्रतिभा को
    इस ढक्कन को उतारो
    और देखो अपनी आंतरिक कला को
    क्या अब तक तुम्हें अपनी पहचान मिल पाई है ?
    क्या करोगे सुन्दर कपडों का
    और इस सुन्दर तन का
    जब मन में मैल हो
    छ्ल कपट ने आत्मा को दूषित कर रखा हो
    एक दिन आयेगा जब ये वस्त्र पुराना हो जायेगा
    कपड़े नये तुम ले लोगे
    एक दिन आयेगा जब शरीर पुराना हो जायेगा
    तब आत्मा शरीर बदल लेगी
    फिर क्या फायदा जिस तन पर गुमान हो
    वो अब बेकर पड़ा हो और लोग बिलक के रो लेंगे दो दिन
    याद आपकी उनको ना आयेगी
    कुछ याद आयेगा तो वो आपके कर्म होंगे
    आपके बोल और व्यवहार होगा
    वक्त रहते मन बदल लो
    एक बार शरीर बदला कुछ ना कर पाओगे
    ©rinkutaunk

  • arshaa 2w

    हो अगर धूप कही...तू छाँव बन के रहना ��
    मेरी नींद का तू...हसीं ख्वाब बन के रहना ��
    मंज़िले हो अलग ही सही...तू हमराह बन के रहना ��
    तू मेरी खुशियो का...हिसाब बन के रहना ��

    हो जाऊ खुदगर्ज़ तो..तू माफ़ करना ��
    अपनी खुशी से मेरे अश्क़ो को... ना साफ़ करना ❌
    बेनाम ही सही..तू इस रिश्ते पे नाज़ रखना
    जुदा हो कर भी तू.. बस दुआओ में याद रखना ��

    न दे पाऊ साथ तो...आगे बढ़ जाना ��
    तू मेरी मज़बूरी की खामोशी पढ़ जाना ��
    तू मेरा खूबसूरत वक़्त बन के रहना ��
    तू मेरा कीमती अश्क़ बन के रहना ��
    तू मेरा यादगार वक़्त बन के रहना ��
    तू मेरी ज़िंदगी का खूबसूरत...��
    सबसे खुबसूरत सच बन के रहना ��

  • spilling_nib 2w

    मूँछें

    बोहत मज़ाक़िया हो चली थी,
    ज़िंदगी को हमने 'मूँछें' उधार दी है।

    ©shailendu_pennedthought

  • sanaa270690 3w

    Aur kitna aazmaoge mujhko
    Ke teri bewafaiyon ke bawajood
    Aaj bhi tujhse wafa nibha rahe hain
    ©sanaa270690

  • aabanerjee 3w

    Dariya ki talaash to har kisi ko hoti hai
    Par us pyaase parinde ki sochiye huzur jisne mohhabatt ke kadve rus piye hai.


    ©aabanerjee

  • jaysabnis 3w

    दर्द.

    भरे ज़ख्मों को मत कुरेदना,
    वरना दर्द की छींटे तुम्हारे उपर भी उड़ेंगी।
    ©jaysabnis

  • janvloke 4w

    Aaj uss Tootate taarey Ko dekh kar taras aaya!
    Bas itna samajh lijiye ke..

    Woh bhii kisiki khwahishon ke bojh taley bikhara padaa thaa!
    ©janvloke

  • saurabh_009 4w

    तहजीब

    आँखों की , तेरी सोच का इक गहना है !

    ©सौरभ_009

  • _anriss_ 4w

    I wish it all ended with a conversation




    - Rishabh Anand

  • diksha_verma 26w

    ⭐⭐⭐⭐⭐
    इन तारो की गोद मे,
    यह चाँद अधूरा लगता है।
    रोता है वोह क्योंकि,
    उसको ऐसा लगता है,
    कि "तन्हा रहना मेरी किस्मत की लकीर है",
    बेहद खूबसूरत चाँद ,
    असल मे फकीर है।
    क्योंकि उसकी चांदनी तोह सूरज के नाम है,
    जुदा रहके तारों से चंदा भी बेआराम है।