#vaqt

41 posts
  • anugangwal 6w

    Don't be a girl
    Like a soft toy
    Not so polite and ladylike
    Be a girl
    Strong, confident and successful
    And fly in the sky

    ©anugangwal

  • anugangwal 17w

    तेरी यादों ने रात भर जागाया है
    सब कुछ खोकर भी बहुत कुछ पाया है


    ©anugangwal

  • mohini_uvaach 19w

    #वक़्त

    मयखाने में बैठा है एक शख्स
    एक नई माशूका है साथ में,
    तारे तोड़ने का वादा करता है
    उधर ये जाम लेकर हाथ में !

    इधर दूर देस एक कोठर में
    अकेली, एक बूढ़ी औरत रहती है ,
    'लाखों में एक' है बेटा उसका
    हर पहर यही सबसे कहती है !

    लाड़ले की राह ताकती वो यूँही
    बैठी रहती है घर के मुहाने पर,
    "अरी ! वो ख़ुदगर्ज़ न अब लौटेगा कभी"-
    मुहल्ले के लोग रखते हैं उसे निशाने पर!

    "महीनों से बात न कर पाया तो क्या !
    बड़ा आदमी है-उसको वक़्त कहाँ रहता है!
    पर प्यारी माँ से मिलने आएगा ज़रूर"-
    उसका दिल कभी लोगों से, तो कभी खुद से कहता है !

    "दुनिया वाले तो पागल हैं
    मेरे बच्चे की कामयाबी से जलते हैं ;
    परदेस में रुतबा है उसका
    ऐसे 'माँ के लाल' हर घर में थोड़ी पलते हैं !!"

    उधर मयखाने में रात चढ़ी जैसे जैसे
    नशा भी सर चढ़कर बोला है;
    दौलत शोहरत की आढ़ लिए,
    ईमान-धरम सब डोला है !

    अचानक फ़ोन की घंटी बजती है,
    वो कहता है-"माँ ! तू यूँ न मुझे बेहाल कर,
    कहा न तुझसे बात कर लूँगा मैं,
    काम से कभी 'वक़्त' निकालकर !"

    "बेटा वो ज़रा मेरी तबीयत...."
    फोन कट जाने की आवाज़ आई ,
    करती है बस उस 'वक़्त' का इंतज़ार
    मुद्दतों से वो माँ सो नहीं पाई !

    "कितना मेहनती है बेटा मेरा ,
    यूँही कहाँ इतने नाम होते हैं ;
    बेचारा चाहकर भी न निकाल पाता वक़्त
    मसरूफ़ लोगों को और भी  तो काम होते हैं !"

    कोठरी में मातम पसरा एक रोज़
    जाते जाते वो बोली-
    "क्या हुआ जो अब न जियूँगी ,
    अर्थी को कंधा देने आएगा जब-
    मेरे लाड़ले से मैं तभी मिल लूँगी !"

    नहीं आया कमज़र्फ, ये बोला वो,
    "नहीं है 'वक़्त', अर्थी किसी से उठवा लेना ,
    भेजता हूँ ढेर सारी दौलत
    उस बुढ़िया का संस्कार करा देना !"

    उसी वीरान सी दुनिया में
    उसकी ज़िंदगी खो गई,
    फिर करती रही लाड़ले के 'वक़्त' का इंतज़ार,
    उस दिन फिर एक माँ चैन से मौत की नींद सो गई !!

    @mohini_uvaach

    #pod #maa #selfishness #respect_our_elders #parents #ungrateful #saddeningtruth #mahakavya #vaqt @hindiwriters @hindi_poetry_1 @reposter24

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    #वक़्त

    अचानक फ़ोन की घंटी बजती है,
    वो कहता है-"माँ ! तू यूँ न मुझे बेहाल कर,
    कहा न तुझसे बात कर लूँगा मैं,
    काम से कभी 'वक़्त' निकालकर !"

    "बेटा वो ज़रा मेरी तबीयत...."
    फोन कट जाने की आवाज़ आई ,
    करती है बस उस 'वक़्त' का इंतज़ार
    मुद्दतों से वो माँ सो नहीं पाई !

    © mohini_uvaach

  • pen_pain_and_paper 19w

    Waqt⏳

    Kaun kehta hai log 'waqt' barbaad karte hai.
    Sach to ye hai ki 'waqt'logo ko barbaad karta hai...

    ©pen_pain_and_paper

  • vaibhavjoshi_ 19w

    मैं वक़्त सा हो गया हूँ
    वक़्त सा चल रहा हूँ।
    वक़्त सा ढल रहा हूँ।
    वक़्त सा बदल रहा हूँ।


    बहुत कम अब नर्म पेश आता हूँ
    कि मैं थोड़ा सख्त सा हो गया हूँ
    मैं वक़्त सा हो गया हूँ।

    कि सब्र नहीं है मुझमें अब
    रुकने का, इंतज़ार का
    ठहरता नहीं अब किसी की याद में
    गुज़र जाता हूँ।


    मैं याद आऊंगा
    चाहने वालो को अच्छे वक़्त सा
    दुश्मनों को बुरे वक़्त सा

    मैं याद आऊंगा बीते वक़्त सा
    कि
    मैं वक़्त सा हो गया हूँ।


    ©vaibhavjoshi_

  • simra_writes 19w

    नफ़रत की आँधी है, सितम का सैलाब है,
    ज़ुल्म का ज़माना है, दहशत का दौर है,
    सोने की चिड़िया का हो गया शिकार है,
    सच कहुँ तो ये वक़्त बेहद खौफ़नाक है..

    ©mk_simra

  • anugangwal 19w

    वक़्त

    फुरसत मिले अगर तुम्हें
    और दिल करे मिलने का
    तो बुला लेना मुझे
    मैं वक़्त नही हूँ
    जो लौटकर ना आ पाऊं।

    ©anugangwal

  • anugangwal 19w

    Vaqt

    ये वक़्त बड़ा ही छुपारुस्तम है
    पलक झपकते ही बीत जाता है
    और पल भर में
    आज से कल बन जाता है

  • anugangwal 19w

    वक़्त

    एक दिन वक़्त ने मुझे आवाज दी
    कुछ मीठी कुछ खट्टी बात कही
    कहा बदल जाओ तुम भी मेरे साथ
    मैंने कहा जो बदल जाए
    वो हम नही
    बदलना है तो तू खुद बदल
    हमे कोई गम नही।

  • ekta__ 19w

    वक़्त

    किसी के अल्फाज़ चुराने की कभी ज़रूरत ही नहीं पड़ी,
    ये शायरी लिखने का हूनर,तो हमें बुरे "वक़्त" ने बख्शा है।

    ©ekta__

  • seasonsoflife_neh 19w

    Vaqt

    Uski yaad to aaj bhi Chali aati hai bewajha,
    Phir kyon Khete hain log,
    ke gaya vaqt laut ke aata nahi..!
    ©seasionsoflife_neh

  • sarvangi 19w

    वक़्त

    उसकी आँखों में कैद है कबसे
    वो जिसे वक़्त कहते हैं,
    मुद्दतें हुईं शाम ढले,
    दिन निकले,
    तारे भी अब न जाने कहाँ रहते हैं।

  • binayak_choudhary 19w

    वक़्त का वक़्त बदल रहा है! @hindiwriters #mahakavya #vaqt

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    वक़्त

    खौफ के साये में मेरा देश पल रहा है
    ऐसा लग रहा है की वक़्त का वक़्त बदल रहा है
    हर ओर धुआँ सा छाया है, पलट चुकी अब काया है
    है इंसान की शैतानी ये, या प्रभु की माया है?
    कभी गिर रहा है.. तो कभी संभल रहा है
    ऐसा लग रहा है की वक़्त का वक़्त बदल रहा है
    ©binayak_choudhary

  • aashu_ 19w

    वक़्त

    जलवे हजारों हैं तेरी मासूमियत में,
    तुझसे नज़रें हटाने का दिल नहीं चाहता,
    बेखबर है तु जान लुटा देने वाली मोहब्बत से,
    हमारा भी लेकिन बताने का दिल नहीं चाहता,
    कब तक रहोगे यूंही अंजान तुम हमसे,
    जानती हूं कि अब बतलाने का दिल नहीं चाहता,
    चल तो रही हूं कदमों के पीछे तेरे,
    थक भी जाऊं तो ठहर जाने का दिल नहीं चाहता,
    'वक़्त' ले आयेगा हमारे उन पलों को फिर एक दिन,
    तभी तो यूं बीच से ही मुड़ जाने का दिल नहीं चाहता।
    ©his_shadow

  • shriradhey_apt 19w

    वक्त को वक्त दिया वक्त बदलने के लिए
    पर वक्त ने वक्त न दिया साथ चलने के लिए


    ©shriradhey_apt

  • inked_soul 19w

    वक़्त

    जितना भी वक़्त गुज़रा
    बड़ा अच्छा वक़्त गुज़रा

    बड़े अच्छे बनाये हमने
    घरौंदे औ महल रेतों के
    बड़े मन से सजाये हमने
    हुजरे पल में ढह जाने वाले

    बड़ी शिद्दत से चाहा था
    छूट कर जाने वालों को
    बड़े दिल से निभाए हमने
    रिश्ते बिखर जाने वाले

    बड़ी ख्वाहिशों से पेरी
    जो हाला थी ही नहीं किस्मत में
    बड़े रच रच के बनाये प्याले
    ज़रा में टूट जाने वाले

    बड़े दिन तक संभाला हमने
    हर एक लम्हा यादों में
    बड़े पक्के निभाए हमने
    वो वादे भूल जाने वाले

    बड़े अच्छे वो वादे थे
    बड़े ही खूब निभाने वाले
    बड़ा अच्छा तमाशा था
    बड़े ही खूब तमाशे वाले

    आने के,जाने के,
    मिलने के ,छूट जाने के,
    किस्सों में,
    तमाशों में
    जितना भी वक़्त गुज़रा
    बड़ा अच्छा वक़्त गुज़रा

    प्याले में,हाला में
    इस दुनिया की
    मधुशाला में
    जितना भी वक़्त गुज़रा
    बड़ा अच्छा वक़्त गुज़रा
    बड़ा अच्छा वक़्त गुज़रा।।

    ©inked_soul

  • arshaa 19w

    वक़्त
    ====

    आंखों को जो आया पसन्द...वो रंग न मिला
    जो पढ़ ले लबो की खामोशी..ऐसा शख़्श न मिला
    'बचपना'.. 'अठखेलियां'.. और फिर 'ज़िम्मेदारिया' मिली..
    यूँ तो ज़िन्दगी भी मिली यारों...
    .
    .

    ◆● पर जीने का कभी वक़्त न मिला ◆●

    ©अर्शा_°N°

  • chanakyagrover 19w

    वक़्त

    वक़्त लगता हैं समझने में
    कि सूरज हमारे इर्द-गिर्द नहीं घूमता
    और यह चाँद क्यों हैं अँधेरे को चूमता

    वक़्त लगता हैं समझने में
    कि ये पेड़-पौधे सिर्फ अपना रंग ही नहीं हैं बिखेरते
    यू ही नहीं इतने जीव
    इनके आँगन में हैं खेलते

    वक़्त लगता हैं समझने में
    कि युहीं नहीं बने ये दिन और ये रात
    इनके होने में भी छुपी हैं इक एहम बात

    वक़्त लगता हैं समझने में
    कि समझ का हैं ये खेल सारा
    गर समझो इस बात को
    तो देखना अपनी ज़िन्दगी को दोबारा

  • kmeenutosh 19w

    @hindiwriters #mahakavya#vaqt

    @Panchdoot_news

    Image credit goes to the news reporter who captured it in critical circumstances when soldiers were in charge to encounter terrorists in Baramulla sector of Jammu and Kashmir where one of the soldiers martyred in action killing one of the three terrorists...

    Jai Hind, Jai Bharat

    Hail Indian Army....

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    वक्त नही है पास मेरे

    .
    हे प्रियतमा मेरी !

    अभी ना मुझे पुकार तू
    के वक्त मेरे है पास नही
    अपनी रक्षा हेतू मुझको
    मातृभूमि है पुकार रही

    प्रेम तेरा निभाने को
    नया जन्म ले आऊँगा
    माँ भारती की खातिर गर
    प्राण न्यौछावर कर जाऊँगा

    नन्ही गुड़िया को अपनी
    तुम समझा दो , तब मै प्रेम
    उसपर भी लूटाऊँगा ,
    पर अबके मुझे माफ़ करे
    की वक्त अभी ना दे पाऊँगा

    ©K Meenu Tosh

  • thakur_aps 19w

    वक़्त

    सूरज की नुकीली किरणों ने
    फिर सबके गमो को मार दिया,
    एक मेरे ज़ख्म का कुछ न हुआ,
    क्योंकि पास मेरे तब वक़्त न था।

    बारिश की गीली बूंदों ने
    सबके जीवन में रस भर दिया,
    एक मेरा ही मन बंजर है
    क्योंकि पास मेरे तब वक़्त न था।

    पूनम के शीतल चंदा ने
    सबके दिल को है बहलाया,
    एक मेरा ही घर सूना है
    क्योंकि पास मेरे तब वक़्त न था।

    आगे बढ़ने की चाहत में
    इन सबको पीछे छोड़ दिया,
    जी लेंगे कभी अब कर्म करो
    अब मरने का भी वक़्त न था।

    ©thakur_aps