• cutesoulwriter 15w

    कुछ यादें

    छुआ जब मैंने उसे,
    सांसे थी चल रही ।
    गोद में सर था उसका
    धड़कने थी थम रही ।
    हारा नहीं मैं उठ खड़ा हुआ,
    लेकर एक ज़िंदा शरीर ।

    आस में मैं था अभी,
    आवाज़ आएगी "नीर"।
    अजीब सी आहट थी कहीं,
    शौर-गुल में खामोशी थी ।
    जाने वो कैसी तनहाई थी,
    ज़ुबां से ऐसे सिसक रही ।

    मन में थी खामोशी,
    आँखों से अश्क थे गिर रहे ।
    वक्त था ठहरा हुआ,
    लम्हे थे वो जो फिसल रहे।
    दम तोड़ा जब बाहों में मेरी,
    याद आ गए पल सारे ।
    वो शीश महल , वो हँसी -ठिठोली,
    वो अलग सी मस्ती और वो आँख मिचोली ।
    चाँद को देखके हमने कितनी ही बातें आपस में बांटी थी ।
    देर तक जागने पर माँ भी कितनी दफ़ा हमें डांटी थी ।
    याद है जब तुमने बाबा की गाड़ी पे कील चलाई थी ।
    तुम्हें बचाने के लिए मेरी हुई पीटाई थी ।
    तुम्हारी नादानियां भी मुझे भाती थी ।
    तुम्हारी शरारतों को देख कर माँ भी मुस्कुराती थी ।
    तुम्हारे साथ से मानो ज़िन्दगी में ना कोई फ़िक्र था ।
    एक दूसरे के इलावा ना किसी और का ज़िक्र था ।
    अब बस रह गया है तुम्हारा साथ दो पल के लिए ।
    मेरे हाथों में है तुम्हारा हाथ बस कुछ क्षण के लिए ।

    वादा करो क्या तुम अपने भाई का साथ जाने के बाद भी निभाओगे ?
    यू ही हर रात को तुम तारा बन के टिमटिमाओगे?
    मेरे पास नही पर मेरे पास होने का एहसास मुझे महसूस करवाओगे ?
    वादा करो क्या तुम अपने भाई का साथ जाने के बाद भी निभाओगे ?

    ~क्यूट सोल राईटर एंव जपजीत

    ©cutesoulwriter