• brijnandankushwaha 23w

    वो मेरा बहां कुछ घड़ी
    इंतजार भी ना कर सके,
    ना मेरी चहातों पर वो
    कभी ऐतबार कर सके,
    उन्होंने हमारी महोब्बत का इम्तिहान
    ज़हर का प्याला देकर लिया,
    हम तो बस ज़हर हंसते-हंसते पी गये
    और हम इंकार भी ना कर सके,

    ब्रजनदंन कुशवाहा दिल्ली