• kavish_kumar 3w

    दिल का दिल से जुड़ाव एक कविता
    जीवन के सफर का हर पड़ाव एक कविता
    इंसान की रूह का पुनर्जन्म एक कविता
    गहनता से होने वाला आदम का मनन एक कविता
    कभी एक प्रयत्न कभी अनायास एक कविता
    कलम और कलमकार का अथक प्रयास एक कविता
    अमावस की रात में पूर्णमासी का चांद एक कविता
    सूरज का सातवां घोड़ा प्रेमचंद का देहात एक कविता
    बसेरे से दूर खिलखिलाती एक कविता
    कभी साये में धूप झिलमिलाती एक कविता
    अंदर द्वंद के भावों को निकालना एक कविता
    उलझनों के बीच में स्वंय को समझाना एक कविता..
    खुद ही उगाना खुद का ऋणी होना एक कविता
    पतन अवगुण की दीवारों में भी गुणी होना एक कविता
    गगरी में भरा हुआ शीतल पानी एक कविता
    श्रृंगार अंगार सजल जिंदगानी एक कविता
    नाचीज़ की कलम की शक्ति एक कविता
    बदलाव की तृष्णा की तृप्ति एक कविता
    कभी काफिर होना कभी गहरी आस्था एक कविता
    कभी मंथन कभी सुख की पराकाष्ठा एक कविता
    कभी कड़वी सच्चाई कभी हास्य की मीठी एक कविता
    ग्रीष्म ऋतु में ठंडा आचल शरद ऋतु की अंगीठी एक कविता
    शिथिल पड़े तन मन में जोश का मृदंग एक कविता
    भावविभोर होकर भूले खुद को वो छंद एक कविता
    शिशु मां पिता गुरु समाज हर व्यवहार एक कविता
    धरती आकाश वायु संपूर्ण संसार एक कविता

    -कविश