• dipakkharate 23w

    Happy mother's day

    मेरी हर तकलीफ में वो तुझसे ज्यादा रोई है
    मेरा पेट भरे इसलिए नजाने कितनी बार भूखी सोई है.

    तू सुबह हाथ फेर देती थी मुँह पे तो चमक उठ जाता था मैं
    श्याम को फिरसे तुझे गले लगाके उसी चमक को वापस लाता था मैं.

    एक दिन भी ऐसा नहीं था की तू काला टिका लगाना भूली होगी
    उनका बचपन कितना खास होगा जिनको ऐसी माँ मिली होगी.

    तूने पल्लू में बांधे हुए पैसे भी नीकाल के दिए मेरे लिए
    मैंने भी सम्भाल के रखे वो पैसे ताकि एक साडी ले सकू तेरे लिए.

    बाहर रहके तेरे हाथो की रोटी की कीमत पता चली है
    रोता नहीं हु जाली रोटी पे,आज भी याद है तेरी कितनी उंगलिया जली है.

    तेरे मुँह से बेटा सुनके दिनभर की थकान मीट जाती है
    हस देता हु युही फोन पे पर सच में तेरी बहोत याद आती है.

    तू पूछती थी न की मुझे बड़ा होकर क्या होना है
    लेकिन आज मुझे फिर से छोटा होकर तेरी गोदी में सोना है.


    ©dipakharate4u