• parveenmati 15w

    कितनी मासूम है
    अनु
    वो मुस्कुराये
    तो मैं गांऊ
    एक तराना प्यार का
    उसके हाथों की छुअन
    जैसे मेरे दिल की धडकन
    जब वो खोले लबों को
    पंछी गुनगुनाये एक गाना प्यार का
    कितनी मासूम है
    अनु..........
    उसके कदमों की आहट ,एक एहसास लाती है
    कभी मुझकों डांटती है,कभी बहुत समझाती है
    झुकी आँखों से शर्माते ही
    शुरू होता अफसाना प्यार का
    कितनी मासूम है
    अनु
    वो मुस्कुराये
    तो मैं गाँऊ
    एक तराना प्यार का
    ©parveenmati