• neha_thakkar_ 15w

    बारिश की बूंदों से तरबतर
    सौंधी सी खुशबुओं का दौर चला है,
    भिनी सी ख्वाहिशों को आगोश में लिये
    मद्धम सी हवाओं में मनमोर चला है,

    मन भर के बरस रहे है दिल के अरमां कागज़ पर,
    स्याही और बूंदों का ये अजीब सिलसिला है।
    ©neha_writes_
    ©neha_thakkar_