• the_musafirs 13w

    ताजपोशी

    भीड़ के लिए तो आज वह महाराज
    का कुमार घोषित है हुआ,
    सिंहासन पर सिंह विराजमान है हुआ।
    औरों के लिए तो आज उसे ताज मिला है,
    सबके मन को ललचाने वाला ठाट-बाट मिला है।

    परन्तु युवराज...
    युवराज के नेत्र कुछ और ही बतलाते हैं,
    जो दूजों से है छिपा
    वह दृश्य दिखलाते हैं।

    जानते हैं युवराज...
    अपार धन की हिस्सेदारी मिली है आज ,
    उसके साथ-साथ असीम ज़िम्मेदारी मिली है आज।

    रत्नगुंथित ताज मिला है,
    पुश्तैनी ठाट-बाट मिला है,
    और साथ-साथ मिला है यह राज!
    और मिले हैं सैकड़ों कामकाज...

    मुझपर करोड़ों निगाहें हैं,
    दृष्टिगोचर होती अनेकों समस्याएं हैं,
    कुछ अपनों का साथ है,
    कुछ अपने ही मेरे खिलाफ हैं..

    सारी गुत्थियों को सुलझाना है मुझे..!
    केवल टालना ही नहीं,
    समस्याओं को मूल सहित निकालना है मुझे।
    पर इन सबसे पूर्व स्वयं को भी संभालना है मुझे...

    ये मेरी प्यारी नींद,
    यह मृगतृष्णित वासनाएं..
    इनसे दूर जाना ही होगा !
    सोते समय जो देखे ख्वाब,
    उन्हें पूर्ण करके दिखाना ही होगा !


    और ऐसे ही युवराज के नेत्र
    जाने-अनजाने में नजाने क्या-क्या कह जाते हैं..
    इस 'ताजपोशी' का विचित्र चित्र दिखलाते हैं।।

    ©Aryoham