• bohopoetries 14w

    साथ चाय का

    सबसे परे है साथ चाय का !
    गुमशुदा हो कहीं तो,
    अकेलापन मिटाती। 
    बात समूह की हो तो, 
    चाय पर चर्चा बन जाती। 
    गर निभाता कोई ऐसा साथ, 
    तो बात बन जाती ॥ 

    कड़कती ठंड हो गर जाड़े की,
    तो गर्माहट से परिचय कराती।
    आलस से भरा हो मन किसी का,
    भरकर ताज़गी उसमें राहत दिलाती।
    हो कोई वफादार ऐसा, 
    तो बात बन जाती ॥