• agla_pagla 23w

    Shrewdness

    चतुराई पोपट पढ़ी, परि सो पिंजर माहि
    फिर परमोधे और को, आपन समुझेये नाहि।

    चालाकी और चतुराई व्यर्थ है। जिस प्रकार तोता पढ़कर भी पिंजड़े में बंद रहता है।
    पढ़ाकू पढ़ता भी है और उपदेश भी करता है परंतु स्वयं कुछ भी नहीं समझता।

    Chaturai popat padhi , pari so pinjar mahi
    Fir parmodhe aur ko , aapan samujhai nahi .

    Shrewdness is useless,even after reading such a one is in cage.
    Such a reader reads and propogates, but does not understand himself.


    ©Kabiradas