• abhivns1490 2w

    सुनों, ❤

    तुम केहती थी ना की मैं बदल जाऊंगा, हाँ... तुम सही केहती थी मुझे भी लगता है मैं तुमसे दूर हो के बदल रहा हूँ क्योंकि कभी हम परछाइयों सा साथ रहते थे, अब एक दूजे की परछाइयां तक नहीं देख पाते, जिसके दिन की शुरूआत तुम से हुआ करती थी आज वही रात तक भी तुम्हे समय नहीं दे पाता, जिसके मोबाइल की डायलिंग मे तुम हमेशा पहले नम्बर पे होती थी आज जब तुमसे बात करना चाहा तो तुम ही सबसे निचे नजर आयी .....
    कभी सोचा न था हम अपनी जिंदगी में इतने मशगूल हो जाएंगे, कि तुम्हारा हाल जानने का भी वक्त न होगा...
    कभी ये लगता था कि तुम्हें देखे बिना सांस नहीं आएगी, लेकिन दिल तो अब भी धड़कता है। जेहन में तुम रहती हो बेशक आज भी पूरे वक्त, लेकिन सुनो, अब बार बार तुम्हारा नंबर डायल नहीं करता मैं पागलों की तरह।
    हाँ वक्त बेवक्त उसे देखता जरूर हूं । तुम व्हॉट्स एप पर कब ऑनलाइन हुयी या फेसबुक पर क्या लिखी, इसकी जासूसी
    भी कर ही लेता हूं। तुम्हारी आवाज छूटी है, तुम्हारा दीदार
    कम हुआ है, लेकिन तुम्हारा पीछा करना अब भी जारी है.... और रहेगा। ��
    #अभिषेक
    ©abhivns1490