• rahull 6w

    OLD WINE

    अरसा हुआ कोई साज़िश न हुई,
    जमीं तो भीगी पर बारिश न हुई।

    धूप में जला.. रात भर चला,
    फिर भी मंझिल है कि हासिल न हुई।।

    राह भी चुनी, मन की भी सुनी,
    पर कामयाबी मुक्कदर में शामिल न हुई।

    आधा नही! पर पूरा भी नही सफर हुआ मेरा,
    लगता हैं..
    मेहनत अभी मुक्कमल जहॉं के काबिल न हुई।
    ©rahull