• shokeen 38w

    उनकी नज़रों का ज़ोर इतना था,
    की यहाँ तो दम निकले।
    मगर,
    हम भी तो आशिक़ कोई ज़ोर कम नहीं,
    जब यहाँ पे दम निकले,
    तभी तो वहाँ पे ग़म निकले।।

    @शोकीन