• ketansharma 15w

    सूने पड़े दिल की खिड़की से, मैं खुद को ही ताकता हूं ।।
    आज भी दिल के पास से गुजरते हर राहगीर को, बस खुशीयां ही बांटता हूं ।।

    ©ketansharma