• ranjanashruti 5w

    पूरब में सूरज ने देखो
    सिंदूरी आभा बिखराई
    ज्योति कलश छलका उसका
    धरती पर खुशहाली छाई ।
    सोने के सब फूल हो गये
    अनुपम स्वर्ण किरण की माला
    धरा हुई मतवाली देखो
    पीकर अमृत का प्याला ।



    ©ranjanashruti