• aashiq_ki_kalam_se 13w

    अच्छा लगता है...

    जब मेरा हर सवेरा,
    तेरी तस्वीर को देखे बिना,
    सवेरा नहीं होता, ना,
    अच्छा लगता है।।।

    जब तेरा एक अक्स,
    मेरी हर नज़्म में बिना डाले,
    वो नज़्म पूरी नहीं, बल्कि अधूरी लगती है ना,
    अच्छा लगता है।।।

    जब ज़माना मुझे,
    तेरे इश्क़ का मुल्ज़िम समझकर,
    पूरे ज़माने में बदनाम करता है ना,
    अच्छा लगता है।।।