• technocrat_sanam 38w

    रज़ामंदी

    ग़र रज़ामंदी हो तेरी ख़ुदा,
    मेरा इश्क़ मुकम्मल हो जाए
    मै,आखिरी सर्द सुबह इस साल की,
    नये साल में तू मेरा कंबल हो जाए
    बस आरज़ू बाकी है ये सनम कि,
    बनूँ लुटेरा मै तेरे दिल का..
    तुझमें रहूँ और तू घाटी चंबल हो जाए
    ग़र रज़ामंदी हो तेरी ख़ुदा,
    मेरा इश्क़ मुकम्मल हो जाए
    मैं, आख़िरी सर्द सुबह इस साल की..
    नये साल में तू मेरा कंबल हो जाए..!

    ©technocrat_sanam