• satyankit 6w

    परिभाषा

    सबके जीवन में प्रेम प्यार की परिभाषा।
    मैं अब भी तन्हा प्यासा सा।
    कोई सुन तो ले आकर इस दिल की,
    करले प्यार ज़रा सा।
    कोई तो अता करे मोहब्बत हमें,
    हो जाये मेरे लिए वो ख़ुदा सा।
    अक़्सर ही सुनी वो बातें प्यार की,
    बिन इसके मेरा वज़ूद डरा डरा सा।
    किसी का वज़ूद अब भी बाक़ी मुझमें,
    वो मेरा प्यार कहीं मुझ में छिपा छिपा सा।
    ©satyankit