• ronit_pant 16w

    लिखूं तुझे मैं कुछ इस क़दर,
    की दर्द जुबा पर आजाये,
    खामोशिया स्याही में कुछ इस क़दर डूब जाये,
    की कागज में तेरा पूरा चेहरा नज़र आजाये
    लिखूं तुझे मैं कुछ इस क़दर।।
    ©rohit_pant