• 01saurav 22w

    इंसान की बनावट, उसकी बुनियाद,
    उसके सोंच के पन्नों में स्याही,
    उसके माँ-बाप और उसका अर्जित ज्ञान हीं भरता है।

    अगर बुनियाद पक्की हो तो जीवन में सच्चाई और अच्छाई का रास्ता दिखाने वालों की ज़रूरत नहीं पड़नी चाहिये।

    ख़ासकर क़त्ल और रेप जैसे घिनौने काम तो इंसान ना हीं करेगा।

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    नफ़ासत - Purity
    इल्म - विद्या/ज्ञान
    रहबर-ए-कामिल - One who leads to true path.

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    नफ़ासत हो, तेरे इल्म, तेरी बुनियाद में अगर,
    तो रहबर-ए-कामिल की ज़रूरत हीं क्या ?


    ©01saurav