• pragya_shree 5w

    कैसे भूल जाऊं, मेरा खुद से ज्यादा तुम हो जाना?
    कैसे भूल जाऊं, तेरा यूं मेरा हर ख्वाब बन जाना?

    मजबूरी की शाम ओढ़ कर तेरे रात हो जाने को,
    पल भर मे जिदंगी दिखाकर पल मे गायब हो जाने को,
    रेत से तेरे वादो के यूं फिसल जाने को,
    कभी आंखे पढ़ लेने वाले के झूठे ल्फजों मे खों जाने को,

    कुछ तो की है मैने भी कमियां, पर मैं कैसे भूल जाऊं,
    तेरे भरोसे की आग मे, मेरे इश्क के राख हो जाने को?

    कैसे भूल जाऊं?

    ©pragya_shree