• suman007 5w

    रात का सूनापन

    जिंदगी की भागदौड़ में
    लोग भूल गए हैं अपनापन,
    हर वक्त मुझे कोंचता है
    अकेली रात का सूनापन.

    दिन भर की गहमा-गहमी के बाद
    जब आते हैं रात को घर,
    जाने क्यों नींद नहीं आती
    करवटें बदलते रहते हैं रात भर.

    सूनापन दूर करने को
    जब उठाता हूं मोबाइल,
    ना कोई टैक्स्ट ना कोई मैसेज
    सिर्फ देखता हूँ अपना प्रोफ़ाइल.

    सोचता हूं कैसे दूर करू
    अपने रात के सूनेपन को,
    कविता लिखने लगा हूं
    अपने मन के 'सुमन' को.
    ©suman007