• shayari_poetry_ 16w

    बर्बादी का अभी आगाज़ बाकी है
    मिटा कश्मीर, लुटा बंगाल केरल तो क्या,
    अभी तो पूरा हिंदुस्तान बाकी है

    जयपुर में भी हो गई तैयारियाँ
    वतन को नोच कर खाने की,

    अभी मत जागो हिंदुस्तान वालो
    अभी तुम्हारे घर की,

    देहलीज़ बाकी है

    ©Shayari_Poetry