• i_am_parul_vats 17w

    उस लम्हे में आज भी कैद हूँ में,
    जिस लम्हे तुम्हे जाते हुए देखा था,
    बिना कुछ कहे एक हस्ते हुए चेहरे के साथ चले गए थे,
    उस रोज़ भी मैंने तुम्हे आंसू छुपाते हुए देखा था।



    ©i_am_parul_vats