• ibrar_ahmad 16w

    वह गलियाँ
    जो जिल्लत भरी थी।
    वो रास्ते
    जो जख्मो के सिवा
    कुछ न दिए।
    सब छोड़ दिए मैंने।
    मगर पता नही क्यों
    जिंदगी आज भी
    वही पर ठहरी सी है।

    कभी फेसबुक की प्रोफाइल
    खगालता हूँ।
    कभी वोटर लिस्ट की वेबसाइट से
    उसका नाम पता ढूँढता हूँ ।
    पर ,नही मिलता कुछ भी
    जो तसल्ली दे दे।

    वह कहाँ है,
    किस हाल में है,
    कैसे पता करूँ?
    सूझता नही कोई रास्ता
    जिसपर मैं चलूँ।

    वैसे इस तलाश का
    कोई मकसद नही है
    मेरे दिल में पहले की
    वो चाहत नही है।
    पर आज भी उसकी
    मुझे क्यों तलाश है?
    ढूँढता मगर ,
    नही कोई जवाब है।