• chintuj 22w

    हवाओं में अब वो सरगोशियां नहीँ हैं,
    अंदाज़ों में अब वो गर्मजोशियां नही हैं;

    एक वक़्त था के शोर में भी एक अजब सा सुकून था,
    अब तो खामोशियों में भी खामोशियां नहीं हैं;

    एक दौर था के उसकी आँखों से मदमस्त हो जाते थे,
    अब तो मै में भी मदहोशियाँ नहीं हैं ।।
    ©chintuj