• palvi_rana 6w

    Happy mother's day:)

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    माँ

    जिस तरह सूरज की वो पहली किरण
    आसमां में उमंग ले आती है।
    माँ भी मेरी कुछ उसी तरह से
    अपने प्यार से सुबह मेरी रंगीन बनाती है।
    अपने हाथो से जब वो चेहरे पे पडी उलझी लटो को संवारती है
    नटखट लटे भी जान बूझकर फिर से चेहरे पे आ जाती है।
    जब वो उच्चे मीठे स्वर में कुछ भी बतलाती हैं
    नींद भी कमाल हैं वो भी झूम- झूम कर जगाने मुझे आती हैं!
    जब आदी बंद-खुली आँखों से चेहरा उसका नजर आता हैं
    हंसता देख कर उसको मेरा भी हर रोम खिलखिलाता हैं।
    जब मेरे उठते ही वो गले मुझे अपने लगाती हैं
    यूं लगता हैं कि खुदा ने जन्नत तो माँ के आँचल मे बसाई हैं।

    ©palvi_rana