• imalisasays 14w

    ना तो तेरे शरण में हूँ माँ ..
    ना तो तेरी आराधना में मैं खुद को लिप्त करता हूँ ..
    ना तो दिए जलाकर मैं  बुराइयों का सामना करता हूँ 
    और ना ही पटाखों से अपनी खुशियों का इज़हार करता हूँ ..
    लगी है बुरी नज़र मेरे देश को आज..
    इसीलिए तो थामी है इन हाथो में बन्दुक आज ..
    करता हूँ दिन रात देश की सेवा का काम ....
    क्यों की सैनिक है मेरा नाम ...
    ©imalisasays