• jigyasalakhchaura 6w

    कभी जब पानी बर्फ़ बन जाता है
    लगता है
    दुख मे मस्का रहा है
    ये चमकता सा हीरा
    अपनी आवाज़ बर्फ़ मे दफ़नाए गुनगुना रहा है
    किसी ने ना सोचा
    इसके बारे मे
    किसे पता था
    ये तो नाज़ुक दिल सा निकलेगा
    टूट कर यूँ बिखरेगा
    गिरा तो ना जुड़ेगा
    लगेगा मानो आँसु ये बहरा है !



    ©जिज्ञासा लखचौरा