• vikramyadav 15w

    कभी रहता था सदा जो मेरे पाले में ,
    वो वक़्त भी आज आँख दिखाता है ,
    एक तेरे चले जाने से ।
    कभी जिसकी बूंदें बनी थी अपने इश्क़ की गवाह ,
    वो बरसात का मौसम भी आज डराता है ,
    एक तेरे चले जाने से ।
    नफरत की आग में जो झुलस रहा था ज़माना ,
    मेरी हालत पे अब ठहाके लगाता है ,
    एक तेरे चले जाने से ।
    बेचैनी , मजबूरियों को खुद में समेटे ,
    ये दिल भी अब कहाँ धड़क पाता है ,
    एक तेरे चले जाने से ।
    एक तेरे चले जाने से
    @vikram.
    To be continued.