• ashu11 13w

    मैंने बहारों के मौसम में ख़िज़ाँ देखी है
    सर पे छत न हो तो सर पे आसमां देखी है
    उन निगाहों को जन्नत की चाह कहाँ
    जिन निगाहों ने ज़मी में माँ देखी है ।
    ©ashu11