• musing_abhisheks 5w

    चुप रह लेंगे, उफ्फ तक ना होगी,
    मुसीबतों की रात, सहर तक ना होगी।
    हम खुद से कर लेते हैं बातें अब सारी,
    सब कह देंगे तुम्हें खबर तक ना होगी।

    राही