• arman1 2w

    ग़ज़ल के चंद अशआर पेश ए खिदमत हैं। @hindiwriters
    #writingnetwork

    Read More

    जुनून

    ये हक़ीक़त है कि मैं भूल न पाया तुझको
    पर भुला देने का वादा तो कई बार किया

    ये अलग बात की हिम्मत नही आई लेकिन
    जान देने का इरादा तो कई बार किया

    ('सबब'अरमान)
    ©arman1