• vibhavbedard 5w

    मेरा सच....

    अपना दर्द मैं कुछ इस तरह भुलाने में लगा हूँ,
    कि हर एक उदास चेहरे को हंसाने में लगा हूँ।
    क्या पता कल छोड़कर चला जाऊं मैं दुनिया,
    यही सोचकर सबको अपना बनाने में लगा हूँ।। (विभव बेदर्द)
    ©vibhavbedard