• kavish_kumar 19w

    तुझ पर जो बरसात गिरी, उसके नसीब में बड़ी जान है..

    होंठों पर ठहरता पानी का कतरा, पर बिखरी मोहिनी मुस्कान है..

    आखिर बताओ अंदर जज्बात क्या है..

    तुम बोलोगे तो जानेंगे बात क्या है..

    ©Aatish