• mahi20 15w

    बरसात

    हुई जो ये बरसात है
    जैसे इस बरसात में कोई गहरा राज़ है
    चुपचाप निगाहे निहारे इसे
    जैसे इसमें एक अनोखा एहसास है
    मन करता है भर लू इन्हें बाहों में
    पर कमबख्त,
    ये पानी का भी अलग ही अंदाज़ है
    छू कर गिर जाती है ऐसे
    जैसे मुझे से ज्यादा ज़मी को इसकी तलाश है
    इसीलिए शायद,
    इन बरसातो में भी अनेक एहसास है
    जो छुपा लेती अपने भीतर अनेको राज़ है
    _M.V...