• baanii 17w

    तुम बेकार की बातें कर बैठे,जो बात खुद कहते थे,
    आप उसी पे उंगली उठा बैठे,
    वाह क्या बात,
    एक बून्द ही काफ़ी था नीबू का,
    देखो,
    खुद दूध को फाड़कर, क्या कर बैठे,
    सब को खुद बेगाना बना बैठे,
    हम तो न इधर न उधर चुपचाप
    तमाशा...बिन पैसे.... देख बैठे,
    चलो अच्छा हुआ हम, हैं बेगानों में
    वार्ना दिल से लगाकर रो बैठते।

    #hunetwork
    #baanee @hindiurdu_network #hindiwriters @anjana

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    तुम बेकार की बातें कर बैठे,जो बात खुद कहते थे,
    आप उसी पे उंगली उठा बैठे,
    वाह क्या बात,
    एक बून्द ही काफ़ी था नीबू का,
    देखो,
    खुद दूध को फाड़कर, क्या कर बैठे,
    सब को खुद बेगाना बना बैठे,
    हम तो न इधर न उधर चुपचाप
    तमाशा...बिन पैसे.... देख बैठे,
    चलो अच्छा हुआ हम, हैं बेगानों में
    वार्ना दिल से लगाकर रो बैठते।
    ©baanee