• kavish_kumar 18w

    हर वक्त ये नजरें तुम्हें तलाश करती है..
    इस अंजुमन में सिर्फ तुम पर विश्वास करती है..
    मुंतजिर कब तक रहूं तुमसे वस्ल के लिए..
    कभी तो मुलाकात हो तुमसे सिर्फ एक पल के लिए..
    गमगीन दश्त़ में मौजूदगी तुम्हारी उल्लास करती है..
    सब अदाएं , ख्वाबों में आवाजाही तुम्हें मेरे दिल में खास करती है..
    ✍Aatish
    तुम्हारी आँखों में मेरी तलाश मुझे बेक़रार करती है,
    इस जहान में मेरी मौजूदगी पर ख़ुद यकीन करती है,
    तुमसे मुलाकात का इंतज़ार तो
    मेरी जान भी बेसबरी से करती है,
    आसमान तले सपने तुम्हारे हज़ार बार देखती है,
    दिल पे दस्तक, चहेरे पे मुस्कान तुम्हारे नाम से जुड़ के
    हर वक़्त साथ रहती है,
    तुम्हारी आँखों में मेरी तलाश मुझे बेक़रार करती है..
    ✍ Shivani shah