• noddywrites 15w

    लौटा दो मुझे वो बचपन के ताल,
    वो घुँघरू की झंकार
    वो साज़ की बौछार
    वो तबले पर थिरकना
    वो थाट पर इतराना
    वो तरानों पर मटकना
    वो मुरली पर मुस्काना
    वो गोल गोल चक्कर लेकर सबका मन मोह लेना
    वो कथक के टुकड़ों को खुद में कुछ घोल लेना।
    ©noddywrites