• nanditasharma 23w

    मैं और तुम

    प्रीत तेरी कैसा यह बंधन
    मैं तेरा तू है मेरा
    तू ही मुझमें मैं हूँ तुझमें
    कैसा यह संयोग भला ।

    वंदन तू ही चंदन तू ही
    क्रंदन तू ही हास्य मेरा
    तू ही उपवन तू ही मधुवन
    तीज तू ही मलमास मेरा ।

    जारी.........
    ©nanditasharma