• pushpinder_1 6w

    कल रात जाने कैसे वो मेरे ख्वाब में आये
    मैने तो सोचा नहीं था तुम्हे
    और न ही तस्ववुर किया था
    हाँ... कुछ दिन गुज़रे, उस किताब में
    तुम्हारे दिये हुए फूल से रूबरू हुआ था
    अभी भी कुछ महक बाकी थी उसमे
    अभी भी एहसास की खुशबू थी उसमे
    शायद कुछ महक तुम तक भी पहूँची हो
    शायद तुम्हे ही मेरी याद आयी हो....

    ©pushpinder_1