• milind_ek_kavi 18w

    अजीब से है ये जिन्दगी के रास्ते,
    कभी किसी मोड़ पर कोई मिलता है,
    कभी किसी मोड़ पर छोड़ जाता है।
    सफर में कभी कोई हमसफर साथ,
    तो कभी गम और तन्हाइयां साथ।
    मिलिंद एक कवि