• babasanjeevmudgal 15w

    ऐ वतन, वतन मेरे, आबाद रहे तू
    मैं जहाँ रहूँ जहाँ में ,याद रहे तू
    तू ही मेरी मंजिल, पहचान तुझी से
    पहुंचू मैं जहां भी ,मेरी बुनियाद रहे तू