• adhura143 23w

    मेरा चाँद

    आज मेरा चाँद मेरे सामने आया था

    मैं चुपचाप था थोड़ा सा हड़बड़ाया था
    थोड़ा सा जब वो मुस्कुरायी थी
    मेरे दिल में जान आयी थी
    थोड़ा मैं भी मुस्कुराया था
    अपने पलकों को उठाया था
    नजरों से नजरें मिलाई थी
    ख़ामोश दिल अब
    थोड़ा सा हड़बड़ाया था
    हाथों से हाथ का स्पर्श जो कराया था
    दिल फिर से हड़बड़ाया था
    गले से गला जब मैं मिलाया था
    साँसों को साँसों का साथ पाया था
    थम सी गयी थी धकड़ने मेरी
    जब उसने मुझे थोड़ा सा दबाया था

    आज मेरा चाँद मेरे सामने आया था।।
    @abhishek