• shayari_poetry_ 15w

    ना जाने क्या सोच कर लहरें साहिल से टकराती हैं
    और फिर समंदर में लौट जाती हैं

    समझ नहीं आता कि किनारों से बेवफाई करती हैं
    या फिर लौट कर समंदर से वफ़ा निभाती हैं
    ©Shayari_Poetry