• vani_shiv 3w

    @pastel_minstrel
    Dedication- Ravi Pratap Singh

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    मुलाकात

    चलो इक रोज़
    फिर मुलाकात करते हैं
    वो मोहब्बत की इक शाम
    अदा हम करते हैं
    चलो इक रोज़ फिर मुलाकात करते हैं।
    कि एक अरसा हो चला
    तुझसे तसल्ली से बात किए
    तुम्हें देखे तुम्हें छुए तुम्हें चूमे
    उस मोहब्बत भरी रातों को
    जाम के नशे में जीते हैं,
    चलो इक रोज़ फिर मुलाक़ात करते हैं।
    साल बीत चले किसी से दर्द बाँटा नहीं
    मेरी गलतियों पर भी कब से किसी ने डाँटा नहीं,
    कि अरसा हो चला है लबों से मुसकुराए नहीं
    तन्हाई छिपाए हैं अंदर पर चेहरे पर लाए नहीं
    चलो मिल कर गिले शिकवे सारे दूर करते हैं,
    चलो इक रोज़ फिर मुलाकात करते हैं
    मोहब्बत की गलियों में इश्क की वो बात करते हैं,
    इक रोज़ मुलाकात करते हैं।
    ©vani_shiv