• mukhtalifafsoon 5w

    दर्ज़ा

    ज़रूरत के साये के आगे ख्वाबो का दर्ज़ा क्या है
    हैसियत की चादर के आगे ख्वाहिशों का दर्ज़ा क्या है
    सच तो बस मुकद्दर ही कहता है
    वरना खुदा की मर्ज़ी के आगे, हमारी तुम्हारी रज़ा क्या है